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ईस्ट इंडिया कम्पनी कहानी संग्रह में अलग अलग रंगों की पन्द्रह कहानियां है ईस्ट इंडिया कम्पनी कुफ्र, अंधेरे का गणित, घेराव, ऑंसरिंगमशीन, हीरामन, घुग्घू, तस्वीर में अवांछित, एक सीप में, ये कहानी नहीं है, रामभरोस हाली का मरना, तमाशा, शायद जोशी, छोटा नटवरलाल तथा और कहानी मरती है । शीर्षक कहानी ईस्ट इंडिया कम्पनी उस मानसिकता की कहानी है जिसमें उंगली पकड़ते ही पहुंचा पकड़ने का प्रयास किया जाता है । कुफ्र कहानी में धर्म और भूख के बीच के संघर्ष का चित्रण किया गया है । अंधेर का गणित में समलैंगिकता को कथावस्तु बनाया गया है तो घेराव और रामभरोस हाली में सांप्रदायिक दंगे होने के पीछे की कहानी का ताना बाना है । आंसरिंग मशीन व्यवस्था द्वारा प्रतिभा को अपनी आंसरिंग मशीन बना लेने की कहानी है । हीरामन ग्रामीण परिवेश में लिखी गई कहानी है । घुग्घू कहानी में देह विमर्श कथा के केन्द्र में है ।तस्वीर में अवांछित कहानी अपनी व्यस्तता के चलते अपने ही परिवार में अवांछित होने की कथा है । एक सीप में तीन लड़कियां रहती थीं मनोवैज्ञानिक कहानी है । ये कहानी नहीं है साहित्य के क्षेत्र में चल रही गुटबंदी पर प्रकाश डालती है ।तमाशा एक लड़की के अपने पिता से विद्रोह की कथा है । शायद जोशी मनोवैज्ञानिक कहानी है । छोटा नटवरलाल में समाचार चैनलों द्वारा समाचारों को लेकर जो घिनौना खेल खेला जाता है उसे उजागर करती है । और कहानी मरती है में कहानी के पात्र कहानी से बाहर निकल निकल कर उससे लड़तें हैं और उसे कटघरे में खड़ा करते हैं । |
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